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कबाड़ होंगे 15 साल पुराने वाहन! उत्तराखंड स्क्रैप पॉलिसी पर काम तेज, जानिये क्या है खास

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मुख्य सचिव ने राज्यों के लिए विशेष सहायता योजना और विभिन्न विभागों द्वारा लागू किए जा रहे सुधारों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की.

देहरादून: उत्तराखंड में 15 साल पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग अब तेजी से लागू होगी. मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में परिवहन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग और सड़क सुरक्षा से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक इनफोर्समेंट सुधारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से लागू किया जाए.

मुख्य सचिव ने राज्यों के लिए विशेष सहायता योजना और विभिन्न विभागों द्वारा लागू किए जा रहे सुधारों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने कहा जो विभाग समय पर रिफॉर्म्स लागू नहीं कर पाएंगे, उनके विभागाध्यक्षों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी. उन्होंने परिवहन विभाग को चेताया कि 15 वर्ष पुरानी गाड़ियों की स्क्रैपिंग नीति में तेजी लाना आवश्यक है, ताकि सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मानकों को प्रभावी बनाया जा सके. साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक इनफोर्समेंट सिस्टम को अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए.

मुख्य सचिव ने कहा सभी विभाग भारत सरकार से मिलने वाली ग्रांट और आर्थिक सहायता का 100 प्रतिशत लाभ लेने की दिशा में प्रयास करें. प्रत्येक विभाग को अपने मंत्रालयों से लगातार संपर्क बनाए रखते हुए अधिक से अधिक प्रोजेक्ट तैयार करने पर जोर दिया गया. उन्होंने वित्त एवं नियोजन विभाग के साथ समन्वय बढ़ाकर विशेष सहायता योजना का अधिकतम लाभ लेने को कहा.

राजस्व विभाग को भूमि सुधार से संबंधित रिफॉर्म्स को निर्धारित समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए. बैठक में यह भी तय किया गया कि विभागों को जो स्टेट शेयर जारी किया जाना है, उसे अगले दो दिनों में रिलीज कर दिया जाएगा. मुख्य सचिव ने यात्रा गाइड और यात्रा से संबंधित व्यवस्थाओं पर भी विभागों को निर्देशित किया कि इसके लिए व्यापक तैयारी और समय-समय पर समीक्षा सुनिश्चित की जाए.

राज्य सरकार द्वारा सुधारों को तेज़ी से लागू करने के लिए उठाए गए इन कदमों से पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग नीति और परिवहन क्षेत्र में सड़क सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है.

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