देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में कुल 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सचिव शैलेश बगौली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसलों की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री सचिव बंशीधर तिवारी भी उपस्थित रहे।
कैबिनेट बैठक में उपनल कर्मचारियों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्रिमंडल ने उपनल कर्मचारियों के हक में निर्णय लेते हुए “समान कार्य, समान वेतन” पर सहमति जताई है। इसका लाभ चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा। पहले चरण में 7000 से अधिक उपनल कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। सैनिक कल्याण विभाग के तहत 2015 से कार्यरत उपनल कार्मिकों को भी प्रथम चरण में इसका लाभ मिलेगा।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं—
गन्ना एवं चीनी उद्योग विभाग के तहत चीनी मिलों को बैंकों से ऋण लेने की अनुमति दी गई, जिस पर सरकार गारंटी देगी।
गन्ना विकास में गन्ने का मूल्य विचलन तय किया गया—सामान्य प्रजाति के लिए ₹405 प्रति कुंतल और अन्य के लिए ₹395 प्रति कुंतल।
निर्वाचन विभाग में वरिष्ठ निजी सचिव, निजी सचिव और सचिव पदों के लिए नई सेवा नियमावली बनाई गई।
संस्कृत शिक्षा विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड संस्कृत संस्थाओं से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में अल्मोड़ा और चंपावत जनपद के लिए 6-6 पद स्वीकृत किए गए।
ऊर्जा विभाग की वर्ष 2024-25 की वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की सहमति।
बागवानी मिशन के अंतर्गत NT हैलेट पर राज्य सहायता 25 प्रतिशत तय की गई।
दून विश्वविद्यालय के हिंदू अध्ययन केंद्र के लिए 6 नए पद सृजित किए गए।
न्याय विभाग के तहत प्रथम चरण में 16 विशेष न्यायालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 144 पद सृजित होंगे। ये न्यायालय देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में बनाए जाएंगे।
उत्तराखंड की पंचम विधानसभा सत्र बुलाने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।
युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल के अंतर्गत खेल महाकुंभ में पुरस्कार राशि तय की गई—विधायक स्तर पर ट्रॉफी व ₹1 लाख, संसदीय स्तर पर ₹2 लाख और राज्य स्तर पर ₹5 लाख।
गृह विभाग की नियमावली में संशोधन को मंजूरी।
समान नागरिक संहिता (UCC) में संशोधन को स्वीकृति।
न्यूनतम अपर सचिव स्तर के अधिकारी बनाने का निर्णय, साथ ही सब-रजिस्ट्रार को अपील का अधिकार दिया गया।
पर्यटन विभाग के अंतर्गत गोबर के उपलों और चीड़ की पत्तियों को 50-50 प्रतिशत मिश्रण कर उपयोग करने का निर्णय लिया गया, जिसे नगर पालिकाएं टेकओवर करेंगी।
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के कर्मचारियों, किसानों, युवाओं और न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।












