Home उत्तराखंड 94 वर्षों के बाद जातिगत जनगणना का निर्णय

94 वर्षों के बाद जातिगत जनगणना का निर्णय

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देहरादून।

विगत दिनों केंद्र सरकार की कैबिनेट में जाति जनगणना को मंजूरी मिली है जिसको लेकर आज प्रदेश भाजपा के द्वारा भाजपा मुख्यालय देहरादून में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। मीडिया से बात करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि 94 वर्षों के बाद जातिगत जनगणना का जो निर्णय किया है भाजपा उसका सम्मान करती है उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना से देश का समाजिक और आर्थिक तानेबाने का पता चलेगा साथ ही उहोंने कहा कि 1931 के बाद ये पहली बार हुआ है जब किसी सरकार ने जातिगत जनगणना की बात की है जनगणना 2011 के बाद अब प्रस्तावित है और उस समय भी ओबीसी और दूसरी जातियों का आंकलन सरकार के पास नहीं है इसलिए ये ज़रूरी है कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए जातिगत जनगणना की बात नहीं की लेकिन विपक्ष में उहोंने भी जातिगत जनगणना की बात की 2010 में तत्कालीन सरकार ने मंत्रियों का एक समूह बनाया लेकिन उसपर काम नहीं किया कांग्रेस द्वारा जातिगत जनगणना को सिर्फ राजनीतिक उपकरण के तौर पर इस्तेमाल किया गया जातीगत जनगणना का भाव समाज को बराबरी में लाना है।

महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

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