देहरादून।
उत्तराखंड में चार धाम की यात्रा के बीच घोड़े खतरों में फैलती बीमारी को देखते हुए कुछ समय के लिए उनका संचालन बंद कर दिया गया था लेकिन अब एक बार फिर घोड़े खच्चरों को यात्रा में भेजा जा रहा है जिसकी जानकारी केदारनाथ से विधायक आशा नौटियाल ने दी।उन्होंने कहा कि शुरुआत में कुछ घोड़ों में बीमारी के संकेत दिखाई दिए थे जिसके बाद ये कहा गया कि घोड़े यात्रा में नहीं भेजे जाएंगे और उसके बाद यात्रा से सुचारू चल रही थी लेकिन बीमारी बढ़ी और कुछ छोड़ो की मृत्यु हुई जिसके कारण घोड़े खच्चरों को रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री ओर हम सभी ने जाकर घोड़े खच्चरों वालों को समझाया कि कम से कम तीन दिन घोड़े को आराम दे ओर अब एक बार फिर घोड़ों का संचालन शुरू हो गया है वहीं 800 के करीब घोड़े यात्री को लेकर वहां गए हैं और निरंतर यात्रा को सुचारु करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से भारत-पाकिस्तान की स्थिति बनी हुई थी और घोड़े खच्चर का संचालन नहीं हो रहा था हो सकता है इस वजह से कुछ लोगों ने अपनी यात्रा स्थगित की हो लेकिन उस दौरान भी आराम से श्रद्धालु पैदल भी जा रहे थे , हेलीकॉप्टर भी लगातार चल रहे हैं । उन्होंने बताया कि बुजुर्गों के लिए सोनप्रयाग से प्रशासन में अलग व्यवस्था की है जिसमें शटल सेवा के माध्यम से बुजुर्गों को गौरीकुंड पहुंचाया जा रहा है ।
आशा नौटियाल , विधायक, केदारनाथ











