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मॉनसूनी बारिश के जख्म! केदारनाथ हाईवे पर मिले 24 नए डेंजर जोन, 17 बेहद खतरनाक

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एनएच विभाग की माने तो टीएचडीसी की टीम हाईवे का सर्वे कर चुकी है, जल्द ही ट्रीटमेंट को लेकर कार्रवाई शुरू की जाएगी.

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड से मॉनसून तो विदा हो चुका है, लेकिन इस साल मॉनसून प्रदेश के जो नए जख्म देकर गया है, उन्हें भरने में शायद सालों लग जाए. इस साल भारी बारिश के कारण रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग को करोड़ों का नुकसान होने के साथ ही 24 नये भूस्खलन प्रभावित जोन भी तैयार हो गए हैं, जिसमें 17 क्रिटिकल बताए जा रहे हैं.

हाईवे के खस्ताहाल होने से जहां आवागमन करने में खतरा बना हुआ है, वहीं जाम की समस्या से भी यात्रियों को दो-चार होना पड़ रहा है. एनएच विभाग की माने तो टीएचडीसी की टीम हाईवे का सर्वे कर चुकी है, जल्द ही ट्रीटमेंट को लेकर कार्रवाई शुरू की जाएगी.

इस साल बरसाती सीजन में हुई अतिवृष्टि ने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही केदारनाथ हाईवे को जोड़ने वाले जवाड़ी बाईपास को भारी नुकसान पहुंचाया है. जवाड़ी बाईपास के कई जगहों पर मार्ग धंस चुका है. यहां अलकनंदा नदी से भू-कटाव होने में लगा है, जिस कारण राजमार्ग पर मोटी-मोटी दरारें पड़ी हैं. राजमार्ग के निचले हिस्से से जहां भूकटाव हो रहा है, वहीं ऊपरी पहाड़ी से भी लगातार भूस्खलन होने में लगा है. हर दिन दरार का दायरा बढ़ने से भी लोगों में डर का माहौल देखने को मिल रहा है.

बाईपास पर हर दिन जाम की स्थिति भी देखने को मिल रही है. एनएच विभाग की ओर से जवाड़ी बाईपास साढ़े तीन किमी राजमार्ग पर गेबियन सुरक्षा दीवार का कार्य करवाया जा रहा है, जिससे भूकटाव की रोकथाम हो सके.

इसके अलावा रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे के बांसबाड़ा से सीतापुर तक की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है. इस बार हुई अतिवृष्टि के चलते 24 नये डेंजर जोन तैयार हो गए हैं. इनमें 17 डेंजर जोन की स्थिति काफी नाजुक बताई जा रही है. कुंड-गुप्तकाशी के बीच भी हालात बद से बदतर बनते जा रहे हैं. रामुपर में पिछले साल पांच मीटर भूधंसाव हुआ था और इस साल भूधंसाव अधिक मात्रा में हुआ है.

वहीं एनएचएआई के अधिशासी अभियंता ओंकार पाण्डेय ने बताया कि इस साल हुई तेज बारिश के कारण हाईवे को बहुत बड़ी मात्रा में नुकसान पहुंचा है. भारी बारिश के कारण हाईवे पर नये डेंजर जोन बन गए हैं. हाईवे की दयनीय हालत को देखते हुए टीएचडीसी की टीम दो बार सर्वे कर चुकी है. हाईवे का ड्रोन से भी सर्वे किया जा चुका है.

वहीं आपदा से ध्वस्त हुए जवाड़ी बाईपास के ट्रीटमेंट को लेकर भी टीएचडीसी की टीम जल्द रिपोर्ट सौंप देगी. उन्होंने कहा कि यात्रा समाप्ति के बाद हाईवे के मरम्मतीकरण और डेंजर जोन के समाधान को लेकर कार्य किया जाएगा. टीएचडीसी की टीम नवंबर माह के प्रथम सप्ताह में आकर डिटेल इनवेस्टिगेशन करेगी, जिसके बाद तेजी के साथ सभी कार्यों को किया जाएगा.

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