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नैनी सैनी एयरपोर्ट अधिग्रहण को लेकर MoU साइन, हवाई सेवा को लगेंगे पंख

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पिथौरागढ़ नैनी सैनी हवाई अड्डे के अधिग्रहण के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और उत्तराखंड सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए.

देहरादून: उत्तराखंड राज्य गठन के रजत जयंती पर देहरादून में पीएम मोदी की मौजूदगी में उत्तराखंड को हवाई अड्डे विस्तार को लेकर बड़ी सौगात मिली. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और उत्तराखंड सरकार के बीच पिथौरागढ़ स्थित नैनी सैनी हवाई अड्डे के अधिग्रहण के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. सरकार की मानें तो यह ऐतिहासिक समझौता उत्तराखंड के पर्वतीय अंचल में सुगम, सुरक्षित और टिकाऊ हवाई संपर्क की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

दरअसल, नैनी सैनी हवाई अड्डे का कुल क्षेत्रफल लगभग 70 एकड़ है. यहां का टर्मिनल भवन व्यस्त समय में 40 यात्रियों को सेवा प्रदान करने में सक्षम है. एक समय में दो विमानों (कोड-2B) को ही समायोजित करने की सुविधा से जुड़ा है. इस अधिग्रहण से हवाई अड्डे के मौजूदा बुनियादी ढांचे का विस्तार, परिचालन मानकों का सुव्यवस्थित प्रबंधन, और उत्तराखंड की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा.

सरकार के मुताबिक, नैनी सैनी हवाई अड्डे का विकास प्रदेश की स्थानीय कला, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षेत्र को नया प्रोत्साहन देगा. इससे व्यापार, तीर्थ पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अतिथि सत्कार के क्षेत्र में नए अवसर और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए आयाम खुलने के मौके बढ़ेंगे. सरकार ने कहा कि यह समझौता उत्तराखंड को विकास की नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा.

उत्तराखंड में हेली कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने पर सरकार विशेष जोर दे रही है. जिसकी मुख्य वजह यही है कि किसी भी आपदा के दौरान राहत बचाव कार्यों में न सिर्फ आसानी हो, बल्कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रदेश के सभी क्षेत्रों में हेली कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा सके. इसी क्रम में पिथौरागढ़ हवाई अड्डे का संचालन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से किया जाएगा. इसके अलावा पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार भी किया जाएगा, जिसमें करोड़ों रुपए खर्च होंगे.

गौर है कि पीएम मोदी ने उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष रजत जयंती पर उत्तराखंड को करोड़ों योजनाओं की सौगात दी. इसमें कई योजनाओं परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया. वहीं पीएम मोदी ने 28 हजार से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सीधे उनके बैंक खातों में 62 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की.

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