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IMA देहरादून में आर्टिलरी कैडेट्स का सम्मान:13 दिसंबर को पास आउट होंगे कैडेट्स, 80 कैडेट्स को मिला प्रतीक चिह्न

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देहरादून के IMA में गोल्डन की गनर्स ऑफिसर्स मेस में सोमवार को रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी के नए जेंटलमैन कैडेट्स के लिए एक विशेष और भावनात्मक रण-सज्जा समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर कैडेट्स को उनकी नई सैन्य जिम्मेदारियों का प्रतीक माने जाने वाले विशेष चिह्न प्रदान किए गए। यह कैडेट्स के सैन्य करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।

समारोह में आर्टिलरी रेजिमेंट के वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारियों ने एक-एक कैडेट को प्रतीक चिह्न सौंपे। यह क्षण कैडेट्स के लिए गर्व और भावनात्मकता से भरा रहा, क्योंकि यही पल उन्हें प्रशिक्षु जीवन से अधिकारी बनने की राह पर आगे बढ़ाता है।

मुख्य अतिथि मेजर जनरल राजेंद्र प्रकाश का प्रेरक संबोधन

कार्यक्रम में मेजर जनरल राजेंद्र प्रकाश, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर 157 रेगुलर कोर्स, 140 टीजीसी, 55 एससीओ और 46 टीईएस के कुल 80 कैडेट्स को संबोधित किया। ये सभी कैडेट्स 13 दिसंबर 2025 को भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से पास आउट होने वाले हैं।

अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि “सत्यनिष्ठा, अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र-समर्पण ही एक सैनिक की वास्तविक पहचान है।” उन्होंने कैडेट्स को भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने और टीम भावना को सर्वोपरि रखने की सलाह दी।

यादगार बना कैडेट्स का दिन

यह रण-सज्जा समारोह हर कैडेट के सैन्य जीवन का सबसे भावुक और महत्वपूर्ण क्षण माना जाता है। वरिष्ठ अधिकारियों और पूर्व सैनिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। सभी ने कैडेट्स को उनके उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र सेवा के पथ पर सफलता की शुभकामनाएं दीं।

राष्ट्र सेवा का संकल्प

आर्टिलरी रेजिमेंट का हिस्सा बनने जा रहे इन नए कैडेट्स ने देश की रक्षा में योगदान देने की शपथ दोहराई। कार्यक्रम का पूरा माहौल गौरव, देशभक्ति और सैन्य अनुशासन की भावना से ओतप्रोत रहा।

समारोह की मुख्य झलकियां

  • 80 कैडेट्स को आर्टिलरी रेजिमेंट के प्रतीक चिह्न प्रदान किए गए।
  • पूर्व सैन्य अधिकारियों ने कैडेट्स को किया सम्मानित।
  • कैडेट्स 13 दिसंबर को IMA से होंगे पास आउट।
  • समारोह में देशभक्ति और अनुशासन की अद्वितीय झलक देखने को मिली।

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