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डीएम की सख्ती रंग लाई: वर्षों बाद खुला आईएसबीटी निकासी गेट, दिल्ली-यूपी सहित अन्य राज्यों की बसों को मिली सुगम आवाजाही

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जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर आईएसबीटी क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही यातायात जाम की समस्या से निजात दिलाने हेतु प्रभावी कार्यवाही की गई है। आईएसबीटी का लंबे समय से बंद पड़ा निकासी गेट पुनः खोल दिया गया है तथा गेट पर बने अवैध/अस्थायी निर्माण को पूर्णतः ध्वस्त कर दिया गया है। वर्षों से गेट बंद होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सख्त लहजे में निकासी गेट खोलने के निर्देश दिए। डीएम की सख्ताई से आईएसबीटी का निकासी गेट खोल दिया गया है, जिससे अब यातायात संचालन में सुधार आया है।
उक्त निकासी गेट पर अस्थायी निर्माण एवं चुंगी स्थापित थी, जिसके कारण बसों की आवाजाही बाधित हो रही थी। प्रशासन द्वारा उक्त संरचनाओं को शिफ्ट करते हुए अस्थायी निर्माण को हटाया गया है। वर्तमान में दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं चंडीगढ़ की ओर जाने वाली बसें इसी निकासी गेट से सुचारु रूप से बाहर निकल रही हैं, जिससे आईएसबीटी परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में यातायात दबाव में कमी आई है।
जिलाधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान आईएसबीटी पर यातायात में बाधक बने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के खाली पड़े पुराने कार्यालय भवन को ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देशों के अनुपालन में उक्त भवन को ध्वस्त कर दिया गया है।  आईएसबीटी में दिल्ली यूपी के लिए अलग निकासी गेट खुलने से यातायात संचालन में सुधार हुआ है।
इसके अतिरिक्त आईएसबीटी पर फ्लाईओवर के नीचे अव्यवस्थित कट को बंद करते हुए सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित कट बनाए जाने तथा कलर पार्किंग के निर्माण के निर्देश राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को दिए गए हैं। साथ ही आईएसबीटी सड़क किनारे उपलब्ध खाली भूमि पर टाइल्स बिछाकर पार्किंग निर्माण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है, जिससे अनियंत्रित पार्किंग पर रोक लगेगी और यातायात व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए, ताकि आमजन को जाम की समस्या से राहत मिल सके।

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