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उत्तराखंड में विकास की धुरी बनेगा स्मार्ट रोड नेटवर्क, इन फ्लाईओवर और रिंग रोड पर आगे बढ़ेगा काम

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देहरादून। वर्ष 2026 में उत्तराखंड को सड़क कनेक्टिविटी के मोर्चे पर और मजबूत, सुरक्षित व आधुनिक नेटवर्क मिलने की उम्मीद है। पर्वतीय राज्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार का फोकस अब केवल नयी सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि टिकाऊ, आपदा-रोधी और स्मार्ट रोड नेटवर्क के विकास पर केंद्रित है। चारधाम यात्रा की सुगमता, सीमांत व ग्रामीण क्षेत्र और पर्यटन हर क्षेत्र में सड़कें विकास की मुख्य धुरी बनेंगी।

2026 में चारधाम आल वेदर रोड परियोजना के शेष हिस्सों को अंतिम रूप देने के साथ ही उनके स्थायित्व पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में स्थायी स्लोप स्टेबिलाइजेशन, मजबूत ड्रेनेज सिस्टम और चयनित स्थानों पर टनल आधारित समाधान अपनाने की उम्मीद है। इसके साथ ही चारधाम से जुड़े फीडर मार्गों को भी राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा, ताकि अंतिम गांव तक निर्बाध-सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित हो सके। इससे यात्रा समय और दुर्घटनाओं दोनों में कमी आने की संभावना है।

राष्ट्रीय राजमार्गों में गुणवत्ता सुधार पर काम तेज होगा
राष्ट्रीय राजमार्गों पर वर्ष 2026 में विस्तार और गुणवत्ता सुधार की दिशा में काम तेज होगा। देहरादून-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग को चार लेन करने का कार्य पूर्णता की ओर बढ़ेगा, जिससे देहरादून से हिमाचल और औद्योगिक क्षेत्रों तक आवाजाही और तेज होगी। ऋषिकेश-बदरीनाथ मार्ग पर नये बाइपास, पुल और पार्किंग हब विकसित किए जाने की योजना है, जबकि रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए मल्टी-लेवल पार्किंग, सड़क सुरक्षा उपाय व यात्री सुविधा केंद्र विकसित किए जाएंगे।

राज्य राजमार्गों का चौड़ीकरण, पुनर्निर्माण होगा
राज्य राजमार्गों पर 2026 में सुरक्षा और पर्यटन आधारित विकास पर जोर रहने की संभावना है। देहरादून-मसूरी, हल्द्वानी-नैनीताल, कोटद्वार-पौड़ी, श्रीनगर-गोपेश्वर और चंबा-टिहरी जैसे प्रमुख मार्गों पर चौड़ीकरण, पुनर्निर्माण और सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। इन सड़कों पर व्यू प्वाइंट, क्रैश बैरियर, रिफ्लेक्टर और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम विकसित कर पर्यटन सीजन में जाम और दुर्घटनाओं को कम करने का लक्ष्य है।

ग्रामीण कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलेगी
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2026 में ग्रामीण कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। राज्य के दूरस्थ और छूटे गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने, पुरानी ग्रामीण सड़कों को आल वेदर मानकों पर उन्नत करने और छोटे पुल व पुलिया निर्माण पर विशेष फोकस रहेगा। ग्रामीण सड़कों को राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों से सीधे जोड़ने से गांवों की बाजारों और सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।

फ्लाईओवर और रिंग रोड पर काम आगे बढ़ेगा
शहरी क्षेत्रों में भी 2026 में सड़क और यातायात सुधार अहम रहेंगे। देहरादून में फ्लाईओवर और रिंग रोड के नए हिस्सों पर काम आगे बढ़ सकता है, जबकि हरिद्वार-रुड़की औद्योगिक कारीडोर, हल्द्वानी बाइपास और प्रमुख शहरों में ट्रैफिक जाम से राहत देने वाले वैकल्पिक मार्ग विकसित किए जाएंगे। स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल, चौड़े फुटपाथ और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित सड़क डिजाइन शहरी मोबिलिटी का हिस्सा बनेंगे।

ग्रीन हाईवे की अवधारणा को बढ़ावा
सड़क और पुल निर्माण में पर्यावरण संतुलन को नये वर्ष में और अधिक महत्व दिया जाएगा। ग्रीन हाईवे अवधारणा के तहत पौधरोपण, वर्षा जल निकासी, जैव-तकनीकी उपाय और सड़क सुरक्षा से जुड़े नवाचार अपनाने पर जोर रहेगा। पुराने और संकरे पुलों के स्थान पर नई पीढ़ी के मजबूत और आपदा-रोधी पुलों के निर्माण से राज्य के सड़क नेटवर्क को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ेगा।

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