हल्द्वानी। एमबी इंटर कॉलेज मैदान में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से आयोजित शिव कथा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में भगवान शिव के अद्वैत स्वरूप का वर्णन किया गया है, न कर्ता, न क्रिया, न योगः, न ज्ञानं, न भोगः शिवोहम् शिवोहम् शिवोहम्। यह श्लोक हमें बोध कराता है कि शिव हमारे भीतर की चेतना में विद्यमान हैं।
उन्होंने कहा कि हल्द्वानी और संपूर्ण कुमाऊं अंचल सदियों से अध्यात्म और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केन्द्र रहा है। हमारी यह भूमि तप की भूमि है, साधना की भूमि है। हमारे प्राचीन ग्रंथों में इस क्षेत्र के शिवालय और धार्मिक क्षेत्रों का वर्णन है। यह इस बात का प्रमाण है कि यह भूमि परम्परा की साधना भूमि रही है। इसलिए शिव कथा का पुण्य भूमि पर होना इसे और अधिक दिव्य बनाता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रेरणा से हमारी सरकार सांस्कृतिक आध्यात्मिक विरासत के केन्द्रों के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी भावना के साथ हम मानसखंड मंदिरमाला मिशन और मानसखंड कॉरिडोर पूरे कुमाऊँ क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों और धार्मिक केन्द्रों के नवनिर्माण और पुनर्निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।












