Home उत्तराखंड देहरादून: सीएम धामी ने डॉ. जितेन ठाकुर को दिया ‘साहित्य भूषण’ सम्मान

देहरादून: सीएम धामी ने डॉ. जितेन ठाकुर को दिया ‘साहित्य भूषण’ सम्मान

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मुख्य सेवक सदन मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों में अपना  उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मानित किया गय।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह में उत्तराखंड के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान साहित्य भूषण सम्मान से डॉ. जितेन ठाकुर को सम्मानित किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, श्याम सिंह कुटौला, डॉ. प्रीतम सिंह, केसर सिंह राय एवं अताए साबिर अफजल मंगलौरी को उत्तराखंड दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन पुरस्कार से सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान साहित्य भूषण सम्मान से डॉ. जितेन ठाकुर को सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, श्याम सिंह कुटौला, डॉ. प्रीतम सिंह, केसर सिंह राय एवं अताए साबिर अफजल मंगलौरी को उत्तराखंड दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन पुरस्कार से सम्मानित किया।

सोमवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सीएम धामी ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट साहित्यकारों एवं “युवा कलमकार प्रतियोगिता” के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।

सीएम ने साहित्य नारी वंदन सम्मान के तहत प्रो. दिवा भट्ट, उत्कृष्ट बाल साहित्य के लिए  प्रो. दिनेश चमोला, उत्तराखंड मौलिक रचना पुरस्कार के तहत डॉ भूपेंद्र बिष्ट, डॉ सुधा जुगरान, शीशपाल गुसाई, उत्कृष्ट कुमाऊंनी एवं गढ़वाली साहित्य के लिए तारा पाठक, हेमंत सिंह बिष्ट एवं गजेंद्र नौटियाल को सम्मानित किया |

हिंदी साहित्य जगत के लिए प्रेरणा स्रोत
समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उनके लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि उन्हें प्रदेश के महान साहित्यकारों को सम्मानित करने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि “उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से सम्मानित डॉ. जितेन ठाकुर न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे हिंदी साहित्य जगत के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

उन्होंने सभी सम्मानित साहित्यकारों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपनी रचनात्मकता के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को समृद्ध करने के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

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