Home उत्तराखंड पिथौरागढ़ में दर्दनाक हादसा: चलती बोलेरो पर गिरा पहाड़, राजस्थान के किशोर...

पिथौरागढ़ में दर्दनाक हादसा: चलती बोलेरो पर गिरा पहाड़, राजस्थान के किशोर समेत 2 की मौत

0

पिथौरागढ़ (उत्तराखंड): देवभूमि उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ से एक बेहद दुखद और भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई है। धारचूला तहसील मुख्यालय से करीब 42 किलोमीटर दूर पंपाबे नामक स्थान पर पहाड़ी से अचानक एक विशालकाय चट्टान (बोल्डर) पर्यटकों की बोलेरो गाड़ी पर आ गिरी। इस दर्दनाक हादसे में वाहन चालक समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायल और मृतक पर्यटक राजस्थान के कोटा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थलों की यात्रा पर आए थे।

आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन कर लौट रहा था परिवार

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्थान के कोटा (रामगंज मंडी) से एक ही परिवार के 9 चचेरे भाई-बहन (3 बहनें और 5 भाई) उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों और धार्मिक स्थलों के भ्रमण पर आए थे। अपनी यात्रा के पहले चरण में इस श्रद्धालु परिवार ने आदि कैलाश और ओम पर्वत के अत्यंत पवित्र दर्शन किए थे।

​दर्शन करने के बाद, यह परिवार गुरुवार को दारमा घाटी में स्थित प्रसिद्ध पंचाचूली बेस कैंप घूमने गया था। शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे, जब वे पंचाचूली से अपनी बोलेरो कार द्वारा वापस लौट रहे थे, तभी पंपाबे के पास मौत बनकर आई एक चट्टान ने उनकी खुशियों को मातम में बदल दिया।

पंपाबे के पास कार के अगले हिस्से पर गिरा विशाल बोल्डर

​हादसा इतना भयानक था कि पहाड़ी से भरभराकर गिरा विशाल बोल्डर सीधे चलती हुई बोलेरो कार के अगले (फ्रंट) हिस्से पर जा गिरा। बोल्डर गिरने से गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया और वाहन के परखच्चे उड़ गए। अगली सीट पर बैठे चालक और एक 15 वर्षीय किशोर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, पिछली सीटों पर बैठे परिवार के चार अन्य सदस्य मलबे और गाड़ी के बीच फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तत्काल उप जिला चिकित्सालय धारचूला पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।

हादसे में हताहत हुए लोगों की सूची

​इस भीषण सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले और घायल हुए लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है:

मृतकों के नाम:

  1. सुरेन्द्र गर्ब्याल (उम्र 50 वर्ष) – पुत्र किशन सिंह, निवासी गर्ब्यांग, थाना धारचूला, पिथौरागढ़ (वाहन चालक)।
  2. केशव खंडेलवाल (उम्र 15 वर्ष) – पुत्र अजेंद्र सिंह, निवासी रामगंज मंडी, जिला कोटा, राजस्थान।

घायलों के नाम (सभी कोटा, राजस्थान के निवासी):

  1. ऋषभ खंडेलवाल (उम्र 30 वर्ष) – पुत्र मुकेश खंडेलवाल
  2. राघव खंडेलवाल (उम्र 17 वर्ष) – पुत्र बृजेश खंडेलवाल
  3. रुणि खंडेलवाल (उम्र 26 वर्ष) – पुत्र दिनेश खंडेलवाल
  4. आयुष खंडेलवाल (उम्र 24 वर्ष) – पुत्र गजेन्द्र खंडेलवाल

जिलाधिकारी ने दिए डेंजर जोन पर ‘सायरन’ लगाने के सख्त निर्देश

​इस दर्दनाक हादसे के बाद पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी (DM) आशीष कुमार भटगाई ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने सीमांत व दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बेहद कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने सीमा सड़क संगठन (BRO) के साथ-साथ दारमा और व्यास घाटी क्षेत्रों में सक्रिय सभी कार्यदायी संस्थाओं को आपातकालीन बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे मुख्य कदम:

  • डेंजर जोन पर सायरन व्यवस्था: यात्रियों व स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी चिन्हित लैंडस्लाइड और संवेदनशील डेंजर जोन पर तत्काल प्रभाव से अत्याधुनिक सायरन लगाए जाएंगे, ताकि पत्थर गिरने या भूस्खलन की स्थिति में लोगों को समय रहते अलर्ट किया जा सके।
  • चेतावनी साइन बोर्ड: बीआरओ के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जोखिम वाले और संवेदनशील स्थानों को स्पष्ट रूप से चिन्हित कर वहां पर्याप्त संख्या में बड़े चेतावनी संकेतक (साइन बोर्ड) लगाए जाएं।
  • मार्ग की पूर्व जानकारी: इन बोर्डों पर संभावित खतरों की जानकारी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में स्पष्ट रूप से लिखी होगी, जिससे बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को मार्ग की वास्तविक स्थिति का पहले से अंदाजा मिल सके।

पर्यटकों के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील

​उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम बदलने या अचानक पहाड़ी दरकने का खतरा हमेशा बना रहता है। मानसून की दस्तक से पहले या दुर्गम रास्तों पर यात्रा करते समय पर्यटकों को स्थानीय समाचारों और प्रशासनिक गाइडलाइंस का पालन अवश्य करना चाहिए। पिथौरागढ़ प्रशासन ने अपील की है कि डेंजर जोन से गुजरते समय गाड़ी की गति धीमी रखें और किसी भी प्रकार की चेतावनी को हल्के में न लें ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here
Captcha verification failed!
CAPTCHA user score failed. Please contact us!