देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान आमजन ने क्षेत्रीय विकास, विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं और जनहित से जुड़े विषयों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को इनके त्वरित और प्रभावी समाधान के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। शासन और प्रशासन के सभी स्तरों पर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
दिव्यांग को तत्काल आर्थिक सहायता और ट्राईसाइकिल देने के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने दिव्यांग कुलदीप की समस्या भी सुनी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कुलदीप को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही ट्राईसाइकिल देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप समय पर सहायता उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों से भी मिले मुख्यमंत्री
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन, प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पू.मा.) शिक्षक संघ, सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी उत्तराखंड, आबकारी उपनिरीक्षक संघ, श्री कल्प केदार मंदिर समिति तथा देवभूमि पूर्व सैनिक कल्याण समिति, हरिद्वार के प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडलों ने अपनी विभिन्न मांगों, समस्याओं और सुझावों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संबंधित विषयों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनसंवाद के माध्यम से जनता की समस्याओं के समाधान और जनभावनाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि शासन की योजनाओं और जनकल्याणकारी सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
इस अवसर पर विधायक महंत दिलीप रावत, किशोर उपाध्याय, अनिल नौटियाल, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, गढ़वाल कमिश्नर आनन्द स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, जे.सी. कांडपाल सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।












