मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सहकारिता, कर्मचारियों, स्वास्थ्य, ऊर्जा, शहरी विकास और पूर्व सैनिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 लागू करने को मंजूरी दी। वहीं उपनल कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से समान कार्य के लिए समान वेतन देने, हरिद्वार में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की शाखा के लिए जमीन उपलब्ध कराने और अडानी पावर से 1320 मेगावाट बिजली खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा सीएनजी और हाइब्रिड वाहनों को मिल रही मोटर वाहन कर की छूट को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने, उत्तराखंड मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन बनाने, आबादी क्षेत्रों के आधुनिक सर्वेक्षण के लिए नई नियमावली, काठबंगला में 116 आवासों के आवंटन और यूयूएसडीए में 94 अस्थायी पद सृजित करने को भी हरी झंडी दी गई।
सहकारिता को रोजगार और पलायन से जोड़ने पर जोर
नई सहकारिता नीति में सहकारी संस्थाओं को पारदर्शी, जवाबदेह, तकनीक-सक्षम और व्यावसायिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है। नीति में सात रणनीतिक मिशन तय किए गए हैं। इनमें सहकारी संस्थाओं की नींव मजबूत करना, उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना, समावेशिता बढ़ाना, नए क्षेत्रों में सहकारिता का विस्तार, युवाओं को सहकारिता से जोड़ना तथा आर्थिक व्यवहार्यता और विविधीकरण शामिल हैं। कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में मूल्य शृंखला विकसित करने, महिला एवं युवा सशक्तीकरण, रोजगार और वित्तीय समावेशन के साथ पलायन से पुनर्वास पर भी जोर रहेगा।
वेतन मैट्रिक्स की विसंगति दूर
सरकारी सेवकों के वेतन मैट्रिक्स में भी संशोधन किया गया है। राज्य की वेतन मैट्रिक्स में लेवल-13ए के बाद सीधे लेवल-15 और लेवल-16 का प्रावधान था। अब केंद्र सरकार के अनुरूप 1,44,200-2,18,200 रुपये के वेतनमान को लेवल-14 और 1,82,200-2,24,100 रुपये के वेतनमान को लेवल-15 माना जाएगा। विभागीय पद संरचनाओं और सेवा नियमावलियों में भी इसी के अनुरूप संशोधन माना जाएगा।
सीएनजी-हाइब्रिड वाहनों पर कर छूट में बदलाव
सरकार ने सीएनजी और हाइब्रिड वाहनों को दी जा रही मोटर वाहन कर की छूट को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने की दिशा में निर्णय लिया है। सरकार का तर्क है कि इन वाहनों की संख्या बढ़ने से मौजूदा कर छूट का राजस्व पर असर पड़ रहा है। ऐसे वाहनों को क्रमबद्ध तरीके से कराधान के दायरे में लाया जाएगा।
मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन बनेगा
राज्य में दवाओं, सर्जिकल सामग्री, रसायन, उपकरण और इंप्लांट की समयबद्ध और पारदर्शी खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन गठित किया जाएगा। सरकार के अनुसार इससे आम लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में तेजी आएगी और विभागीय स्तर पर विशेषज्ञता की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।

हरिद्वार में एनसीडीसी की शाखा
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की शाखा के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार की 65 एकड़ भूमि में से एक एकड़ जमीन 99 साल की लीज पर महज एक रुपये में देने को मंजूरी दी गई है। प्रस्तावित केंद्र में बीएसएल-3 स्तर की सुविधाएं होंगी। इससे रोग निगरानी, महामारी की जांच और आपदा जैसी स्वास्थ्य आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य सांख्यिकीय संवर्ग की नई नियमावली
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सांख्यिकीय संवर्ग में समूह क, ख और ग के पदों पर भर्ती और सेवा शर्तों को विनियमित करने के लिए नई सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई।
उपनल कर्मियों को समान कार्य-समान वेतन
उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ तीन चरणों में देने का निर्णय लिया गया है। पहले चरण में एक जनवरी 2016 से पहले नियोजित कर्मियों के संबंध में कार्यवाही की जा रही है। दूसरे चरण में एक जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 के बीच नियोजित कर्मियों को शामिल किया जाना है। तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्तूबर 2024 तक के कर्मियों के लिए कार्यवाही एक अप्रैल 2027 से शुरू करने का उल्लेख है। सेवा में दिए गए कृत्रिम ब्रेक की शर्त हटाने और स्वीकृत पदों से अधिक कार्यरत उपनल कर्मियों को नियुक्ति तिथि के आधार पर समायोजित करने की व्यवस्था भी की गई है। पद उपलब्ध नहीं होने पर अधिसंख्य पदों के सृजन या समायोजन के लिए अलग व्यवस्था होगी।
1320 मेगावाट बिजली खरीद को मंजूरी
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को अडानी पावर लिमिटेड से 25 साल के लिए 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने की मंजूरी दी गई है। इसमें 1234 मेगावाट अनुबंधित क्षमता होगी। न्यूनतम बोलीदाता के रूप में अडानी पावर की 5.746 प्रति यूनिट कुल टैरिफ वाली बोली को मंजूरी दी गई है।
85 कार्मिक दूसरे विभागों में जाएंगे
उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के 22 तृतीय श्रेणी और 63 चतुर्थ श्रेणी यानी कुल 85 कर्मचारियों को अन्य विभागों में सेवा स्थानांतरण पर भेजा जाएगा। सरकार के मुताबिक इन कर्मचारियों का काम मुख्यतः मौसमी है। इससे निगम के वेतन और प्रशासनिक खर्च में कमी तथा बीज उत्पादन की लागत घटाने में मदद मिलेगी। कार्मिकों को अधिकतम 10 साल या सेवानिवृत्ति से तीन माह पहले तक, जो पहले हो, सेवा स्थानांतरण पर रखा जाएगा।
रिस्पना किनारे के परिवारों को 116 आवास
देहरादून के काठबंगला में बनाए गए 116 आवास रिस्पना नदी किनारे बसी मलिन बस्ती के नगर निगम द्वारा चयनित लाभार्थियों को आवंटित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य नदी किनारे बसी मलिन बस्तियों का व्यवस्थित पुनर्वास और विस्थापन है।
अग्निवीरों के लिए छह पदों वाला सेल

सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अलग प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसके लिए संविदा पर छह पद स्वीकृत किए गए हैं एक उप निदेशक, दो सहायक निदेशक, दो कनिष्ठ सहायक और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर।
शहीद सैनिकों की पैतृक गांवों में लगेंगी मूर्तियां
कैबिनेट ने राज्य के शहीद सैनिकों के सम्मान में उनके पैतृक गांवों में मूर्तियां स्थापित करने का निर्णय लिया है। सरकार का उद्देश्य शहीदों के बलिदान और वीरता को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा उनके परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करना है। यह निर्णय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- कारागार सेवा नियमावली में संशोधन: उप कारापाल के 25 प्रतिशत पदोन्नति कोटे में 90 प्रतिशत पद प्रधान बंदीरक्षक और 10 प्रतिशत पद महिला बंदीरक्षक से पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे।
- लोकायुक्त सर्च कमेटी के नियम तय: लोकायुक्त अध्यक्ष एवं सदस्यों के लिए नामों का पैनल तैयार करने वाली खोजबीन समिति की कार्यविधि, कार्यकाल, भत्ते और चयन प्रक्रिया के लिए नियमावली तैयार की जाएगी।
- आबादी क्षेत्रों का आधुनिक सर्वे: शहरी आबादी क्षेत्रों के भूमि रिकॉर्ड को आधुनिक बनाने के लिए जीआईएस और हवाई एवं जमीनी सर्वेक्षण को जोड़कर भू-स्थानिक डेटाबेस तैयार करने की दिशा में नई नियमावली लागू की जाएगी।
- यूयूएसडीए में 94 अस्थायी पद: विभिन्न नगर निकायों में पेयजल, सीवरेज, सड़क, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक परिवहन, घाट सौंदर्यीकरण और ठोस कचरा प्रबंधन जैसी परियोजनाओं के संचालन के लिए यूयूएसडीए के ढांचे का पुनर्गठन करते हुए 94 अस्थायी पद सृजित किए जाएंगे।
- हॉस्पिस केयर सेंटर के लिए स्टाम्प शुल्क माफ: ऋषिकेश में कैंसर रोगियों के लिए हॉस्पिस केयर सेंटर स्थापित करने के उद्देश्य से अंत्योदय फाउंडेशन के पक्ष में गिफ्ट डीड पर 8,87,050 रुपये का स्टाम्प शुल्क माफ करने को मंजूरी दी गई।
- उत्तरांचल विश्वविद्यालय के परिनियम: उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2023 के तहत उत्तरांचल विश्वविद्यालय, देहरादून के लिए परिनियम-2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई।
- वेतन-स्तर में सुधार: सरकारी वेतन मैट्रिक्स में लेवल-13ए के बाद लेवल-14 और लेवल-15 की व्यवस्था केंद्र के अनुरूप की गई है।










