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सरकारी जमीनों के कथित दुरुपयोग को लेकर कांग्रेस का धामी सरकार पर हमला, कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने का लगाया आरोप

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देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की चार्जशीट कमेटी ने धामी सरकार पर सरकारी जमीनों के कथित दुरुपयोग और बड़े कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। होटल इन्द्रलोक में आयोजित पत्रकार वार्ता में चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “मुख्यमंत्री नाम से, प्रॉपर्टी डीलर काम से।”

पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा, चार्जशीट कमेटी के सदस्य मनोज रावत, डॉ. प्रेम बहुखंडी और डॉ. प्रतिमा सिंह समेत पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

करीब 7 हजार बीघा सरकारी जमीन लैंड बैंक में शामिल करने का आरोप

करन माहरा ने उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड (UIIDB) को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने उद्यान विभाग, पोटैटो प्रोजेक्ट, ब्रीडिंग गार्डन सहित विभिन्न विभागों की करीब 7 हजार बीघा सरकारी जमीन को लैंड बैंक के रूप में चिन्हित किया है। कांग्रेस का दावा है कि इस जमीन को निजी निवेशकों को 90 वर्ष तक की लीज पर देने की तैयारी की जा रही है।

माहरा ने सवाल उठाया कि जब आम नागरिकों के लिए भूमि खरीद की सीमा निर्धारित है, तो चुनिंदा कॉरपोरेट कंपनियों को हजारों बीघा सरकारी जमीन लंबे समय के लिए लीज पर देने का औचित्य क्या है। उन्होंने जमीन के व्यावसायिक इस्तेमाल के बावजूद कृषि भूमि के सर्किल रेट के आधार पर लीज रेंट निर्धारित किए जाने पर भी सवाल उठाया। कांग्रेस ने इसे सरकारी राजस्व को संभावित नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया।

होटल, रिसॉर्ट और टाउनशिप के लिए जमीन देने पर सवाल

कांग्रेस ने प्रस्तावित लीज व्यवस्था की शर्तों पर भी आपत्ति जताई। माहरा के अनुसार होटल, लग्जरी रिसॉर्ट, विला, कमर्शियल टाउनशिप, वेलनेस सेंटर और निजी स्कूल जैसी परियोजनाओं के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध कराई जा सकती है।

उन्होंने लीज पर दी जाने वाली जमीन को सब-लीज करने और बैंक ऋण के लिए मॉर्गेज करने की अनुमति के प्रावधानों पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस का आरोप है कि पूरी व्यवस्था बड़े कॉरपोरेट घरानों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

माहरा ने यह भी सवाल किया कि यदि यह नीति सार्वजनिक हित से जुड़ी है तो इसे करीब डेढ़ साल तक जनता के सामने क्यों नहीं लाया गया। उन्होंने स्थानीय युवाओं, ग्राम पंचायतों और सहकारी संस्थाओं को प्राथमिकता दिए जाने की मांग की।

जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को लेकर सरकार पर निशाना

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य के जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने यूआईआईडीबी के गठन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए प्रदेश की बेशकीमती सरकारी जमीनों को कॉरपोरेट घरानों के हाथों सौंपने का रास्ता तैयार किया जा रहा है।

आर्य ने जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस के मुताबिक एशियाई विकास बैंक के ऋण से विकसित पर्यटन सुविधाओं और करीब 142 एकड़ क्षेत्र को एक निजी कंपनी को लगभग 15 वर्ष के लिए दिए जाने के मामले में सार्वजनिक संपत्ति के आर्थिक मूल्य और संभावित राजस्व का पर्याप्त आकलन किया गया या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।

कांग्रेस ने टेंडर प्रक्रिया में शामिल कंपनियों के बीच कथित कारोबारी संबंधों और बाद में उनके आपसी जुड़ाव को लेकर भी सवाल उठाए। इसके साथ ही जॉर्ज एवरेस्ट जाने वाली सार्वजनिक सड़क पर शुल्क वसूली के विवाद को लेकर सरकार और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा।

अस्पताल के लिए प्रस्तावित भूमि आवंटन पर भी सवाल

चार्जशीट कमेटी के सदस्य मनोज रावत ने एक बड़े अस्पताल के लिए प्रस्तावित भूमि आवंटन को निरस्त किए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 23,137 वर्ग मीटर भूमि के आवंटन को स्वास्थ्य विभाग को विश्वास में लिए बिना रद्द किया गया।

रावत ने इस प्रक्रिया में शामिल कंपनियों की योग्यता, वित्तीय स्थिति और टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेता का दावा है कि प्रक्रिया से जुड़ी एक कंपनी के पास अपेक्षित रियल एस्टेट या इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र का पर्याप्त अनुभव नहीं था।

उन्होंने दूसरी कंपनी की पृष्ठभूमि और उससे जुड़े निदेशकों को लेकर भी सवाल उठाए। साथ ही सिक्का डेवलपर्स से जुड़े कथित वित्तीय मामलों और टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी पात्रता को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।

कांग्रेस ने दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की

कांग्रेस चार्जशीट कमेटी ने इन सभी मामलों में सरकार से पूरी पारदर्शिता बरतने, संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकारी जमीन और सार्वजनिक संपत्तियों से जुड़े मामलों में जनता को पूरी जानकारी मिलनी चाहिए और किसी भी निजी संस्था को लाभ पहुंचाने से पहले स्पष्ट एवं पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी, अमरजीत सिंह समेत कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

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