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उत्तराखंड में मखाना खेती की संभावनाएं तलाशने बिहार पहुंची समिति

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कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा से भेंट, हर संभव सहयोग का आश्वासन

देहरादून। उत्तराखंड में मखाना उत्पादन की संभावनाओं को तलाशने के उद्देश्य से जन जागरण अभियान समिति की टीम बिहार के शोध दौरे पर पहुंची। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों ने बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा से मुलाकात कर उत्तराखंड में मखाना की खेती शुरू करने की संभावनाओं और इसके लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग पर चर्चा की।

समिति के संस्थापक-अध्यक्ष स्वप्निल सिन्हा ने बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा को उत्तराखंड की पारंपरिक टोपी भेंट कर सम्मानित किया। वहीं, समिति के उपाध्यक्ष प्रमोद बेलवाल और सचिव विवेक श्रीवास्तव ने उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी का पत्र बिहार के कृषि मंत्री को सौंपा। पत्र में उत्तराखंड के उपयुक्त क्षेत्रों में मखाना उत्पादन की संभावनाओं को तलाशने तथा बिहार सरकार से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।

इस अवसर पर बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कृषि मंत्री गणेश जोशी के कार्यों की सराहना की और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यदि उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां मखाना उत्पादन के अनुकूल पाई जाती हैं और वहां इसकी खेती शुरू होती है, तो इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने जन जागरण अभियान समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं द्वारा इस प्रकार के प्रयास देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने समिति को मखाना उत्पादन के क्षेत्र में हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

शोध यात्रा के दौरान समिति के पदाधिकारियों ने उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार से भी मुलाकात की। निदेशक ने समिति के सदस्यों को मखाना उत्पादन पर आधारित पुस्तक ‘मखाना मैजिक’ भेंट की। इस दौरान समिति के सचिव विवेक श्रीवास्तव ने अभिषेक कुमार को भी उत्तराखंड की टोपी पहनाकर सम्मानित किया।

अभिषेक कुमार ने बताया कि बिहार में मुख्य रूप से दरभंगा और मधुबनी जिलों में मखाना की खेती होती है। इसके अलावा कोसी और सीमांचल क्षेत्र के पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा और सीतामढ़ी समेत कई जिलों में बड़े पैमाने पर मखाना उत्पादन किया जा रहा है। वर्तमान में समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, भागलपुर, पटना और बक्सर सहित बिहार के कुल 21 जिलों में मखाना की खेती हो रही है।

उन्होंने बताया कि देश के कुल मखाना उत्पादन का करीब 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा बिहार से आता है। समिति ने बिहार में मखाना उत्पादन की तकनीक, जलवायु, खेती की प्रक्रिया और किसानों को मिलने वाले लाभों का अध्ययन किया। समिति का उद्देश्य अध्ययन के आधार पर उत्तराखंड के उन क्षेत्रों की पहचान करना है, जहां मखाना की खेती को सफलतापूर्वक शुरू किया जा सकता है।

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