Home उत्तराखंड देहरादून में 5 साल की मासूम से दुष्कर्म व हत्या का दोषी...

देहरादून में 5 साल की मासूम से दुष्कर्म व हत्या का दोषी उम्रकैद की सजा से दंडित

0

देहरादून। पांच साल की मासूम को बहला-फुसलाकर जंगल में ले जाकर दुष्कर्म और फिर साक्ष्य मिटाने के लिए हत्या करने के आरोपित को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। नाबालिगों के खिलाफ इस प्रकार के जघन्य अपराधों पर टिप्पणीं करते हुए अदालत ने साफ कहा कि ऐसे अमानवीय अपराध समाज में भय और असुरक्षा पैदा करते हैं, इसलिए दोषी को प्रोबेशन जैसी किसी भी तरह की रियायत देना न्याय के साथ समझौता होगा।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) रजनी शुक्ला की अदालत ने बुधवार को बच्ची से दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने के मामले में फैसला सुनाया। दोषी पाए गए चुनचुन कुमार महतो को आजीवन कारावास सहित विभिन्न धाराओं में कठोर सजा का आदेश जारी किया गया है।

अदालत ने मामले को अत्यंत जघन्य और समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला अपराध मानते हुए परिवीक्षा अधिनियम का लाभ देने से स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार और अधिवक्ता शिवा वर्मा ने बताया कि आरोपित चुनचुन कुमार महतो ने वर्ष 2021 में लगभग पांच वर्षीय बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया, फिर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उसकी हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि ऐसे अपराध से समाज में भय का वातावरण उत्पन्न होता है और अभियुक्त को रियायत देना न्यायोचित नहीं है। सजा के प्रश्न पर बचाव पक्ष ने आरोपित की पारिवारिक व आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए न्यूनतम सजा व प्रोबेशन का लाभ देने की मांग की, जबकि अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता और आरोपित के आपराधिक इतिहास को देखते हुए कठोरतम सजा की मांग की। अदालत ने अभियोजन के तर्कों से सहमति जताई।

अदालत ने आरोपित को आजीवन कारावास व 50 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही पोक्सो अधिनियम के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 50 हजार अर्थदंड लगाया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड न चुकाने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने निर्देश दिए कि वसूल की गई अर्थदंड राशि में से 60 हजार पीड़ित पक्ष को मुआवजे के रूप में दिए जाएं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here
Captcha verification failed!
CAPTCHA user score failed. Please contact us!