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राहुल गांधी के संभल कूच करने के ऐलान को देखते हुए पुलिस अलर्ट

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संभल। शहर में हुए बवाल के दौरान मारे गए लोगोंं से मिलने के लिए कांग्रेस वरिष्ठ नेता व रायबरेली से सांसद राहुल गांधी के आज संभल आने की घोषणा पार्टी पदाधिकारियों ने की है। वहीं उनके आने की खबर के बाद पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है।

करीब दस दिन पहले रविवार को जामा मस्जिद में हो रहे सर्वे के दौरान बवाल हो गया था। जहां भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव फायरिंग कर दी थी। ऐसे में चार लोगों की मौत हो गई थी। इस बवाल के दौरान क्षेत्र की इंटरनेट व्यवस्था को भी बंद करा दिया गया था, जिससे अफवाहों काे फैलने से रोका जा सके। वहीं दूसरी तरफ बाहरी व्यक्तियों के शहर में आने पर पाबंदी लगा दी गई थी और इसके लिए जिले की सीमाओं को सील कर पुलिस प्रशासन की ओर से चौकसी बढ़ा दी गई थी।

वाहनों के साथ संद‍िग्‍ध लोगों की हो रही जांच
ऐसे में वाहनों की चेकिंग के साथ ही संदिग्ध लोगों की जांच व तलाशी कराई जा रही थी। इस दौरान कांग्रेस व सपा समेत कई अन्य राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि मंडल ने भी संभल में आने की घोषणा की थी, लेकिन उन्हें संभल में लागू निषेधाज्ञा के बारे में बताते हुए यहां पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया था। मगर अब कांग्रेस ने बुधवार को फिर से पार्टी के वरिष्ठ नेता व रायबरेली सांसद राहुल गांधी के संभल जाने की घोषणा की है। जहां वह संभल आकर बवाल के दौरान मारे गए लोगों के स्वजन से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देंगे।

पार्टी जिलाध्यक्ष विजय शर्मा ने बताया कि पार्टी मुख्यालय से उनके कार्यालय मिला है, जिसमें उनके संभल आने की बात कही गई है। जबकि प्रशासन की ओर से 10 दिसंबर तक बाहरी व्यक्तियों के आने पर पाबंदी लगाई गई है।

सीमाओं पर चौकसी को बढ़ाई गई
इस बारे में पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार ने बताया कि जिले की सीमाओं पर चौकसी को बढ़ा दिया गया है, क्योंकि 10 दिसंबर तक किसी भी बाहरी व्यक्ति के संभल में आने पर रोक है।
20 पाबंदी के बाद भी पहुंचे कांग्रेस नेता

बता दें, पुलिस प्रशासन की पाबंदी के बाद भी मंगलवार को कांग्रेस नेता संभल पहुंच गए और मृतकों के स्वजन से बातचीत कर उनका हाल जाना। कांग्रेस नेताओं के संभल पहुंचने और उनके पीड़ितों के स्वजन से मिलने के बारे में खुफिया विभाग व पुलिस को कोई जानकारी नहीं हो सकी। शहर में हुए बवाल के बाद शांति व सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से जगह जगह पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही सुरक्षा व शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से बाहरी व्यक्तियों के आने पर पाबंदी लगा दी गई थी। जहां पहले 30 नवंबर तक यह पाबंदी थी, लेकिन बाद में प्रशासन की ओर से इसे बढ़ाकर 10 दिसंबर तक दिया गया था।

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