देहरादून।
प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों की कमी से जूझ रहे प्रदेश के स्कूल
प्रदेश के हाईस्कूल, इंटर काॅलेज प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों की कमी से जूझ रहे हैं। 13 जिलों के 1385 इंटर काॅलेजों में से 205 में ही स्थायी प्रधानाचार्य हैं जबकि 1180 प्रधानाचार्य विहीन हैं और ये खुलासा एक आरटीआई के जरिए हुआ है । स्वतंत्रता संग्राम उत्तराधिकारी संगठन पिथौरागढ़ के मंत्री पंकज भट्ट ने आरटीआई के तहत प्रदेश के राजकीय इंटर काॅलेजों और राजकीय हाईस्कूलों में प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों की जानकारी मांगी थी जिसके बाद प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुली है। इसको लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने सरकार पर निशाना साधा है । उन्होंने कहा कि जब मदरसों पर कार्यवाही हो रही थी हम तबसे कह रहे है कि यहां खुद के स्कूलों की हालत खराब है। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा जनपद में एक भी प्रधानाचार्य नहीं है ,वहीं देहरादून से लगे 100 विद्यालयों में शौचालय नहीं है । माहरा ने कहा कि शिक्षा ऊनियन की अगर बात कर रहे हो तो सबकुछ ठीक करो । वोट समेटकर एक माहौल बनाने की जो कोशिश की जा रही है ये दुर्भाग्य है क्योंकि आप जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाकर वोट पाना चाहते हो।












