गैरसैंण: भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आज से शुरू हुए बजट में सबसे पहले राज्यपाल का अभिभाषण हुआ. इससे पहले मंत्रोच्चारण और फूलों से सजे विधानसभा भवन में राज्यपाल का स्वागत किया गया. उधर विपक्ष ने सरकार पर प्रोटोकॉल उल्लंघन और परंपराओं से खिलवाड़ का आरोप लगाया है.
सत्र की अवधि को बढ़ाने की मांग को लेकर विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों ने हाथों में पट्टिकाएं पकड़ कर प्रदर्शन किया. कांग्रेस विधायक भुवन कापड़ी, हरीश धामी, प्रीतम सिंह, मनोज तिवारी और अनुपमा रावत ने भी सरकार पर निशाना साधा. उनका कहना है कि सरकार ने पहले से ही बजट सत्र की अवधि तय कर दी है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है.
कांग्रेस विधायकों का कहना है कि सामान्य तौर पर विधानसभा सत्र के एजेंडे और अवधि को लेकर सभी पक्षों से चर्चा की जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया. कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि सरकार के पास जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और विकास जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर विधानसभा में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए. लेकिन सरकार सत्र को छोटा रखकर इन मुद्दों से बचने की कोशिश कर रही है.
विपक्ष का कहना है कि प्रश्नकाल के दौरान जनता से जुड़े कई अहम सवाल उठाए जाने थे, लेकिन सत्र की सीमित अवधि के कारण उन पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पाएगी. कांग्रेस विधायकों ने इसे सरकार की विफलता करार देते हुए कहा कि यदि सरकार के पास काम और एजेंडा होता तो सत्र को लंबा चलाने से परहेज नहीं किया जाता. कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि सरकार बच कर भागने की कोशिश कर रही है, लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे.
ऐसे में बजट सत्र की शुरुआत से पहले ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच किन मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिलती है.










