हरिद्वार पुलिस ने ICICI बैंक से 50 लाख रुपये की संदिग्ध निकासी का पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है।
हरिद्वार। पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते से करीब 50 लाख रुपये की संदिग्ध निकासी के मामले का पर्दाफाश करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
आरोपितों ने फर्जी आधार कार्ड और फोन बैंकिंग के जरिये खाताधारक के नाम पर डेबिट कार्ड जारी कराकर उससे नकदी निकाली और ज्वेलरी, प्लॉट व स्कूटी खरीद डाली।
पुलिस ने उनके कब्जे से 13 लाख रुपये नकद, 12 लाख रुपये के प्लॉट की रजिस्ट्री और एक स्कूटी बरामद की है।
पुराना रानीपुर मोड़ स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा के प्रबंधक अपूर्व दुबे की शिकायत पर कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने भगवानपुर क्षेत्र में दबिश देकर संगीता देवी हाल निवासी सिसौना थाना भगवानपुर, मूल निवासी शंकर सरैया, मुंशी इनार (बिहार), रीनू कुमार उर्फ सोनू निवासी गांव मेघछापर, थाना कुतुबशेर, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) और उपेंद्र कुमार सहगल निवासी जनता रोड, गोविंद विहार, थाना जनकपुरी, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह ने पहले फर्जी आधार कार्ड के जरिये खाताधारक का डेबिट कार्ड हासिल किया। कार्ड बंद होने पर फोन बैंकिंग के माध्यम से नया एटीएम कार्ड जारी कराया और उसी से एटीएम से नकदी निकाली।
शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि गिरोह बड़ी कंपनियों के खातों को निशाना बनाकर बैंकिंग प्रणाली की खामियों का फायदा उठाता था। जांच में कई अन्य कंपनियों के खातों को भी निशाना बनाने की जानकारी मिली है। मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।











