देहरादून। मसूरी गोलीकांड की बरसी पर कैबिनेट मंत्री खजान दास ने बुधवार को देहरादून स्थित शहीद स्थल पहुंचकर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों को नमन करते हुए राज्य आंदोलनकारियों के सपनों और भावनाओं के अनुरूप उत्तराखंड को सशक्त एवं समृद्ध बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि 2 सितंबर 1994 उत्तराखंड के इतिहास का बेहद भावुक और महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन खटीमा गोलीकांड के विरोध में मसूरी में राज्य आंदोलनकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान आंदोलनकारियों और मातृशक्ति पर पुलिस की गोलीबारी में कई आंदोलनकारी शहीद हो गए थे।
उन्होंने कहा कि मसूरी गोलीकांड में बेलमती चौहान, हंसा धनाई, बलबीर सिंह नेगी, धनपत सिंह, मदन मोहन ममगाईं और राय सिंह बंगारी ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। आंदोलनकारियों को बचाने के प्रयास में तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक उमाकांत त्रिपाठी भी शहीद हुए थे।
खजान दास ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण आंदोलनकारियों और शहीदों के संघर्ष एवं बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और बलिदान को याद करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन के शहीदों का बलिदान प्रदेशवासियों को एकजुट होकर उत्तराखंड के विकास के लिए काम करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ प्रदेश की संस्कृति और पहचान को मजबूत बनाए रखने को भी जरूरी बताया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राज्य आंदोलनकारी एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय रणजीत सिंह वर्मा को भी याद किया और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग मौजूद रहे। इस दौरान जीएमवीएन के निदेशक विशाल गुप्ता, पार्षद रोहन चंदेल, मंडल महामंत्री राहुल पंवार, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल शर्मा, सोनी रावत, सुखबीर सिंह, अशोक राठौर और सत्यम शर्मा सहित अन्य लोगों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।












