चंपावत, 22 अगस्त। उत्तराखंड की बेटियों और उनके अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग ने नंदा गौरा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पात्र लाभार्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। योजना के अंतर्गत नवजात बालिका के जन्म पर पात्र परिवार को ₹11 हजार तथा 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने वाली पात्र छात्राओं को ₹51 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
नवजात बालिका के जन्म पर ₹11 हजार की सहायता
नंदा गौरा योजना के तहत पात्र परिवार में कन्या शिशु के जन्म पर ₹11,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके लिए बालिका के अभिभावकों को उसके जन्म के छह माह के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। निर्धारित अवधि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
12वीं पास छात्राओं को मिलेंगे ₹51 हजार
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद किसी शासकीय मान्यता प्राप्त संस्थान में स्नातक अथवा न्यूनतम एक वर्ष के डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाली पात्र अविवाहित छात्राएं ₹51 हजार की आर्थिक सहायता के लिए आवेदन कर सकती हैं।
इस श्रेणी के लिए पात्र छात्राओं को 30 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। विभाग ने पात्र छात्राओं से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर आवेदन करने की अपील की है।
एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को मिलेगा लाभ
योजना के प्रावधानों के अनुसार, एक परिवार की अधिकतम दो जीवित पात्र बालिकाएं नंदा गौरा योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं। लाभ लेने के लिए आवेदकों को निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करना होगा।
आधिकारिक पोर्टल पर करना होगा आवेदन
पात्र लाभार्थी नंदा गौरा योजना के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और योजना से संबंधित दिशा-निर्देशों की जानकारी ध्यानपूर्वक जांचने की सलाह दी गई है।
योजना से संबंधित विस्तृत शासनादेश एवं अद्यतन दिशा-निर्देश आधिकारिक पोर्टल और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। आवेदन से जुड़ी किसी भी सहायता के लिए संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय या बाल विकास परियोजना कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
विभाग ने पात्र लाभार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें, ताकि योजना का लाभ लेने से वंचित न रहना पड़े।











