चमोली। भारत-चीन सीमा से सटे चमोली जिले की संवेदनशील नीती घाटी में मंगलवार शाम अचानक आए जलसैलाब ने भारी तबाही मचा दी। ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाले में अचानक पानी का प्रवाह बढ़ने से 123 बीआरटीएफ सुराईथोटा की ओर से निर्मित वैली ब्रिज पूरी तरह बह गया। इस घटना में कई वाहन भी तेज बहाव की चपेट में आ गए, जबकि एक बीआरओ कर्मी के लापता होने की सूचना है।
जानकारी के अनुसार, घटना शाम करीब साढ़े 5 बजे के आसपास हुई। तमक नाले में अचानक तेज जलप्रवाह और मलबा आने से वैली ब्रिज देखते ही देखते बह गया। इसके साथ ही जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF) के स्कॉर्पियो वाहन संख्या 24 BE 16058, बोलेरो कैंपर संख्या 23 B 15947 सहित अन्य वाहन भी प्रभावित हुए।
तेज बहाव में BRO कर्मी के बहने की आशंका
घटना के दौरान स्कॉर्पियो चालक नायक पंकज कुमार के तेज पानी के बहाव में बहने की सूचना सामने आई है। इसके बाद से उनकी तलाश की जा रही है। स्कॉर्पियो वाहन को सुरक्षित स्थान पर कर दिया गया है।
ज्योतिर्मठ के उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि उन्होंने BRO के मेजर से फोन पर बातचीत की है। मेजर की ओर से एक कर्मचारी के लापता होने की जानकारी दी गई है। अचानक तेज बारिश और पानी का बहाव बढ़ने के बाद कर्मचारी का पता नहीं चल पाया। आशंका है कि वह तेज बहाव में बह गया हो।
कुछ ही मिनटों में मच गई भारी तबाही
तमक नाले में अचानक आए पानी और मलबे ने कुछ ही पलों में पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी। पानी का बहाव इतना तेज था कि नाले पर बना वैली ब्रिज इसकी चपेट में आकर बह गया। आसपास खड़े वाहन भी तेज बहाव में बहते दिखाई दिए।
एक पिकअप वाहन के पानी के तेज बहाव में बहने का वीडियो भी सामने आया है। वहीं, सड़क पर एक पोकलैंड मशीन भी पानी के बीच फंसी नजर आई, जिसे निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि तमक क्षेत्र में एक के बाद एक तीन बार अतिवृष्टि हुई, जिसके बाद नाले में अचानक पानी का प्रवाह बढ़ गया। भारी बारिश और अंधेरा होने के कारण रात में राहत एवं बचाव अभियान में काफी मुश्किलें सामने आईं।
नीती घाटी का सड़क संपर्क बाधित
वैली ब्रिज के बह जाने से नीती घाटी की ओर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है। क्षेत्र का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क भी बाधित हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर सुराईथोटा से तमक और ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से मौसम सामान्य होने और मार्ग की स्थिति स्पष्ट होने तक नीती घाटी की ओर जाने से बचने की अपील की है।

धौलीगंगा और अलकनंदा के जलस्तर को लेकर अलर्ट
भारी बारिश के कारण धौलीगंगा और अलकनंदा नदी के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है। पुलिस की ओर से लाउडस्पीकर और अनाउंसमेंट के माध्यम से लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
जल विद्युत परियोजनाओं में काम कर रही संबंधित कंपनियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
SDRF और NDRF की टीमें रवाना
घटना की सूचना मिलते ही SDRF और NDRF की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गईं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। हालांकि, भारी बारिश और अंधेरे के कारण रात में रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाई सामने आई।
प्रशासन की ओर से सुबह व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने की तैयारी की गई है। घटनास्थल की लगातार निगरानी की जा रही है।
CM धामी ने दिए राहत-बचाव के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वैली ब्रिज के बहने से आसपास के गांवों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों से ग्रामीणों तक जरूरी सामान पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नदी-नालों और जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रखने तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने और राहत-बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए हैं।
संवेदनशील नीती घाटी में बढ़ी चिंता
चमोली जिले में पिछले कुछ समय से लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग की ओर से भी प्रदेश में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में भारत-चीन सीमा से लगे संवेदनशील नीती घाटी क्षेत्र में अचानक आए जलसैलाब ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की जोखिम भरी यात्रा न करें और मार्ग की स्थिति तथा प्रशासन की आधिकारिक सूचना मिलने के बाद ही नीती घाटी की ओर आगे बढ़ें।












