उत्तराखंड में मानसून से पहले मौसम ने करवट ली है। देहरादून समेत कई जिलों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने बारिश, आकाशीय बिजली और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून के आगमन से पहले ही मौसम ने करवट ले ली है। प्रदेशभर में लगातार हो रही प्री-मानसून बारिश के कारण पहाड़ से लेकर मैदान तक बादलों का डेरा बना हुआ है। जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर कई क्षेत्रों में तापमान इतना गिर गया है।
आमतौर पर जून के शुरुआती दिनों में उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में तेज गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। राजधानी Dehradun में रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 10 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। लंबे समय बाद दिन के समय भी लोगों को हल्की ठंडक महसूस हुई। पिछले दो महीनों में यह पहला अवसर रहा जब देहरादून का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। लगातार बादल छाए रहने और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने मौसम को बेहद सुहावना बना दिया। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया। इससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है। हालांकि इसके बाद अगले तीन से चार दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना भी जताई गई है।
मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज Uttarkashi, Rudraprayag, Chamoli, Bageshwar और Pithoragarh जिलों के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। वहीं 3800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के भी आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। मैदानी जिलों में भी बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तापमान की स्थिति
देहरादून में रविवार को अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, पंतनगर में अधिकतम तापमान 32.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस रहा। पर्वतीय क्षेत्रों की बात करें तो मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि नई टिहरी में अधिकतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान मैदानी इलाकों की तुलना में काफी कम बना हुआ है, जिससे लोगों को ठंड का एहसास हो रहा है।












