Home उत्तराखंड हल्द्वानी नशा मुक्ति केंद्र विवाद: किशोर की हालत बिगड़ी, संचालक पर मुकदमा

हल्द्वानी नशा मुक्ति केंद्र विवाद: किशोर की हालत बिगड़ी, संचालक पर मुकदमा

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हल्द्वानी/लालकुआँ। लालकुआँ विधानसभा क्षेत्र में नशे के विरुद्ध लगातार जनआवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी के हस्तक्षेप के बाद हल्द्वानी स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में किशोर शुभम अधिकारी के साथ कथित मारपीट और लापरवाही के मामले में पुलिस प्रशासन ने गंभीर संज्ञान लिया है। मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल के निर्देश पर जांच कराते हुए संबंधित केंद्र संचालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।

जानकारी के अनुसार, शुभम अधिकारी (17 वर्ष), निवासी नैनीताल जनपद, नशे की लत से जूझ रहा था, जिसके उपचार हेतु उसे हल्द्वानी के “संकल्प नशा मुक्ति समिति” में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि कुछ समय पूर्व शुभम सामान्य स्थिति में था, लेकिन अचानक उसकी हालत बिगड़ने की सूचना दी गई। जब परिवारजन अस्पताल पहुंचे तो युवक गंभीर अवस्था में मिला और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। चिकित्सकीय जांच में किडनी एवं लीवर प्रभावित होने की बात सामने आई।

मामले की सूचना मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी तत्काल सक्रिय हुए और उन्होंने पीड़ित परिवार से संपर्क कर पूरे प्रकरण को प्रशासन के समक्ष उठाया। पीयूष जोशी ने इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल से निष्पक्ष जांच, CCTV फुटेज सुरक्षित कराने, दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने तथा क्षेत्र में संचालित सभी नशा मुक्ति केंद्रों की जांच की मांग की थी।

बताया जा रहा है कि जनदबाव और लगातार उठ रही मांगों के बाद SSP नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए। जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित नशा मुक्ति केंद्र बिना वैध पंजीकरण संचालित किया जा रहा था तथा नाबालिग को अवैध रूप से संरक्षण में रखकर उपचार किया जा रहा था। इसके बाद थाना मुखानी में FIR संख्या 50/26 के तहत संबंधित महिला संचालिका के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।

पीयूष जोशी ने कहा कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। उन्होंने मांग की कि जिले में संचालित सभी नशा मुक्ति केंद्रों की उच्चस्तरीय जांच हो, बिना लाइसेंस चल रहे केंद्रों को तत्काल सील किया जाए, CCTV और रिकॉर्ड खंगाले जाएं तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सुधार के नाम पर बच्चों के जीवन से खिलवाड़ होगा तो समाज चुप नहीं बैठेगा।

उन्होंने आगे कहा कि आज क्षेत्र का सबसे बड़ा संकट नशा है। पहले बच्चे नशे के जाल में फंसते हैं, फिर परिवार लाखों रुपये खर्च कर उन्हें केंद्रों में भेजते हैं, और यदि वहां भी सुरक्षा न मिले तो यह अत्यंत भयावह स्थिति है। अब समय आ गया है कि लालकुआँ, बिंदुखत्ता, हल्दूचौड़ और आसपास के क्षेत्रों में नशा तस्करों, अवैध केंद्रों और इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाया जाए।

पीयूष जोशी ने प्रशासन से मांग की कि शुभम अधिकारी के उपचार का पूरा खर्च सरकार वहन करे, परिवार को सहायता दी जाए और दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने क्षेत्र की जनता से अपील की कि नशा मुक्त समाज के लिए अब हर नागरिक को आगे आना होगा।

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