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अब नहीं बनेगी कूड़ाघर रिस्पना! डीएम खुद उतरे मैदान में, 12 जेसीबी-15 डम्परों के साथ शुरू हुआ ‘मिशन पुनर्जीवन

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देहरादून की जीवनरेखा मानी जाने वाली रिस्पना नदी (Rispana River) के पुनरुद्धार और सफाई अभियान को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम ने कमर कस ली है। मानसून से पहले नदी को कूड़ा और मलबा मुक्त बनाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहानमहापौर सौरभ थपलियाल और मुख्य नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय ने राजीव नगर क्षेत्र में पहुंचकर सफाई एवं पुनरुद्धार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।

रिस्पना नदी की सफाई के लिए प्रशासन की बड़ी मुहिम

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर सफाई कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले रिस्पना नदी की व्यापक सफाई जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि बरसात के दौरान जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे और शहर को जलभराव जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

डीएम ने कहा कि नदी संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए केवल सफाई अभियान ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और प्रभावी कार्ययोजना पर भी काम किया जा रहा है।

17 हजार मीट्रिक टन कूड़ा हटाया गया

नगर निगम देहरादून द्वारा मार्च 2026 से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक करीब 17 हजार मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण किया जा चुका है।

नगर निगम द्वारा:

  • बिंदाल नदी के लगभग 8 किलोमीटर क्षेत्र में सफाई कार्य किया जा रहा है।
  • रिस्पना नदी के लगभग 12 किलोमीटर क्षेत्र में व्यापक सफाई अभियान चल रहा है।
  • शहर के विभिन्न नालों, जलधाराओं और नदी क्षेत्रों में भी नियमित सफाई कार्य जारी है।

12 जेसीबी और 15 डम्परों से हटाया जा रहा कूड़ा और मलबा

रिस्पना नदी की सफाई और पुनरुद्धार के लिए नगर निगम ने बड़े पैमाने पर संसाधन लगाए हैं। अभियान में:

  • 12 जेसीबी मशीनें
  • 15 डम्पर

लगातार कार्यरत हैं। इनके माध्यम से नदी क्षेत्र से कूड़ा, मलबा और अन्य अवरोधों को हटाया जा रहा है, जिससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बहाल किया जा सके।

अनट्रीटेड नालों पर भी होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि नमामि गंगे परियोजना और जिला स्वच्छता समिति के सहयोग से नदी संरक्षण के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

इसके तहत:

  • नदी किनारे लगे कूड़े के ढेरों का चिन्हीकरण किया जाएगा।
  • प्राथमिकता के आधार पर कूड़ा हटाया जाएगा।
  • नदी में गिरने वाले अनट्रीटेड (बिना उपचारित) नालों के जल के उपचार की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

रिस्पना पुनरुद्धार के लिए बनेगी दीर्घकालिक योजना

डीएम ने कहा कि रिस्पना नदी के पुनर्जीवन के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। जिला प्रशासन, नगर निगम और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से नदी संरक्षण और पुनरुद्धार का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।

उन्होंने अभियान में सहयोग के लिए नगर निगम का आभार व्यक्त करते हुए सभी विभागों को बेहतर समन्वय और तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय, एसएनएस राजवीर सिंह, तनवीर सिंह सहित नगर निगम और जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।

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